रुड़की। बीएसएम शिक्षण संस्थान की संपत्ति को लेकर ब्राह्मण समाज और संस्थान प्रबंधन के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पिछले पांच दिनों से हरिद्वार रोड स्थित परशुराम भवन में धरने पर बैठे समाज के लोगों ने पत्रकार वार्ता कर संस्थान प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए और पूरे मामले की उच्चस्तरीय एसआईटी जांच कराने की मांग की।
पत्रकार वार्ता में समाज के प्रतिनिधियों ने दावा किया कि बीएसएम शिक्षण संस्थान की स्थापना वर्ष 1934 में ब्राह्मण समाज द्वारा की गई थी। उनका आरोप है कि बाद में एक परिवार के लोगों ने संस्थान पर कब्जा कर बीएसएम चैरिटेबल ट्रस्ट बना लिया। समाज के लोगों का कहना है कि उनके पास संस्थान की संपत्ति पर अधिकार से जुड़े दस्तावेज और साक्ष्य मौजूद हैं।
संगठन के प्रतिनिधि सम्राट सुधा ने दावा किया कि समाज के पास ऐसे दस्तावेज हैं, जिनसे करीब 1500 करोड़ रुपये की संपत्ति पर ब्राह्मण समाज का अधिकार साबित होता है। उन्होंने राज्य सरकार से पूरे मामले की एसआईटी जांच कराने और जांच पूरी होने तक संस्थान में रिसीवर नियुक्त करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मामले की जांच नहीं कराई तो समाज आंदोलन को आगे बढ़ाएगा।
वहीं, सतीश शर्मा ने संस्थान प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2021 में समाज के लोगों ने सर्वसम्मति से उन्हें अध्यक्ष चुना था, लेकिन वर्तमान में उन्हें फर्जी अध्यक्ष बताया जा रहा है। उन्होंने बीएसएम को विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने के दौरान करीब 70 प्रतिशत दस्तावेज फर्जी लगाए जाने का आरोप भी लगाया। उनका कहना है कि अब तक मामले की कोई उच्चस्तरीय जांच नहीं हुई है।
सतीश शर्मा ने कहा कि यदि संस्थान प्रबंधन एसआईटी जांच कराने का दावा कर रहा है तो उसे जांच से संबंधित प्रमाण सार्वजनिक करने चाहिए।
गौरतलब है कि इससे पहले संस्थान के निदेशक रजनीश शर्मा और अन्य पदाधिकारियों ने पत्रकार वार्ता कर धरने पर बैठे लोगों के आरोपों को निराधार बताया था। उन्होंने दावा किया था कि इस प्रकरण में अब तक 51 जांच हो चुकी हैं, जिनमें धरनारत लोगों के आरोप निराधार पाए गए हैं। साथ ही उन्होंने सतीश शर्मा को भारतीय ब्राह्मण समाज का अ huध्यक्ष मानने से भी इनकार किया था।
फिलहाल बीएसएम संस्थान की संपत्ति को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। अब देखना होगा कि शासन और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और संपत्ति से जुड़े विवाद की निष्पक्ष जांच कब शुरू होती है।
पत्रकार वार्ता में डॉ. अनीता शर्मा, मनोज शर्मा, बिट्टू शर्मा, दीपक शर्मा, मास्टर बिजेंद्र सिंह, सतीश शर्मा, राजकुमार दुखी और विनय शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
© News Plus Roorkee. All Rights Reserved. Design by Xcoders Technologies